सर्दियों में रखें अपने Vitamin D के स्तर का ध्यान।

 

Vitamin D, विटामिन डी, सर्दियां, धूप

विटामिन डी की कमी आपको जरुरत से ज्यादा थका देती है। सर्दियां आते ही आपको थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है, इससे आप विंटर ब्लूज के शिकार भी हो सकते हैं।

Vitamin D का प्राकृतिक स्रोत सूरज की रोशनी है। यह विटामिन हमारे समस्त स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है लेकिन इसे लेकर लोगों में जागरूकता बेहद कम है। विटामिन डी की पूर्ति के लिए सूरज की रौशनी आवश्यक है और यह आवश्यकता सर्दियों के समय में और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए सर्दियों में धूप का सेवन अधिक करना चाहिए। पिछले 2 साल के दौरान लोग वैसे भी कोरोना के कारण आम दिनों की तुलना में कम निकले हैं और अब सर्दी की वजह से लोग बाहर निकलने से कतराते हैं। Work From Home की स्थिति ने तो घर से बाहर निकलना ना के बराबर कर दिया है।

ऐसी स्थितियों के कारण लोगों में विटामिन डी की कमी शुरू हो जाती है, जिससे अधिकतर लोग बे-खबर रहते हैं। कईं लोगों के मन में ऐसे प्रश्न जरूर आते हैं कि Vitamin D की कमी सिर्फ धूप से पूरी की जा सकती है? विटामिन डी के लिए सप्लीमेंट और दवाई लेने की आवश्यकता है? Vitamin D की कमी के क्या लक्षण है? विटामिन डी की कमी से क्या समस्याएँ उत्पन्न होती है? आइए आज के इस लेख से जानते हैं ऐसे सभी सवालों के उत्तर के बारे में -

हमारे शरीर के लिए विटामिन डी क्यों ज़रूरी है?

हमारी दिनचर्या को बेहतर बनाए रखने के लिए यह विटामिन बहुत आवश्यक है। यह हमारी हड्डियों व दांतों को स्वस्थ बनाए रखता है और इनके सामान्य विकास को आसान बनता है। इसके साथ यह चिंता को कम करने और समग्र प्रतिरक्षा को बढ़ाने में सहायक होता है। यह शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण को नियंत्रित करने में मदद करता है। प्रतिरक्षा तंत्र और उनके कार्यों को बढ़ावा देता है।

Vitamin D की कमी के लक्षण और समस्याएँ

अगर आपको अपने शरीर में पिछले कुछ दिनों से निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो यह Vitamin D की कमी के संकेत हो सकते हैं -

  • अधिक थकान महसूस होना
  • दैनिक कार्यों को करने में परेशानी होना और कमजोरी आना।
  • मांसपेशियों में कमजोरी आना और आम चाल-चलन में कठिनाई आना।
  • डिप्रेशन की समस्या भी विटामिन डी की कमी का संकेत है।
  • इसके अलावा चोट ठीक होने में वक्त लगना और बालों का झड़ना भी इस विटामिन की कमी के लक्षण है।

विटामिन डी का पता कैसे लगाए?

इसका पता लगाने के लिए रक्त परीक्षण की मदद ली जाती है। इसमें भी 2 तरह के परीक्षण होते हैं, जिसमें 25-हाइड्रोक्सीविटामिन डी आम है। इसे संक्षेप में (25 OH) डी कहा जाता है।

Vitamin D से भरपूर स्रोत

  • वैसे तो सूरज की रोशनी, विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने का सबसे अच्छा और सबसे प्राकृतिक स्रोत है। लेकिन इसके अलावा कईं ऐसे खाद्य पदार्थ है, जो विटामिन डी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं –
  • अंडे की जर्दी से हमें अच्छी मात्रा में विटामिन डी प्राप्त होता है। इसमें चिकन के अंडे अधिक फायदेमंद साबित होते हैं।
  • सारे डेयरी प्रोडक्ट (टोफू, दही, गाय का दूध) VITAMIN D के स्रोत माने जाते हैं। चीज़ विटामिन डी का बेहतरीन स्रोत है।
  • मशरूम (Mushroom) में विटामिन डी अच्छी मात्रा में पाया जाता है और सप्लीमेंट के रूप में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने में प्रभावी प्रतीत होते हैं।
  • रागी के आटे में भी विटामिन D पाया जाता है।

विटामिन डी प्राप्त करने के लिए नियमित धूप का सेवन और उपरोक्त स्रोत कारगर साबित होते हैं लेकिन आपके शरीर में VITAMIN D का स्तर अधिक नीचे चला गया है तो आपको चिकित्सक की परामर्श के अनुसार अन्य सप्लीमेंट्स और दवाओं का सहारा लेना पड़ सकता है। इसलिए हमें ऐसी परिस्थिति आने से पहले सजग हो जाना चाहिए।


0 Comments:

Post a Comment