कोरोना की दूसरी लहर में ऐसे बरतें सावधानी

कोरोना की दूसरी लहर में अपनाए ये छोटे उपाय

कोरोना के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर से लोगों के मन में भय की स्थिति पैदा कर दीं है। लेकिन अब तो कोरोना से सब परिचित हो चुके हैं और सभी इसके बारे में अच्छे से जानने लग गए हैं तो अब मन में भय क्यों?

वैसे देखा जाएँ तो सबके अंदर डर होना वाजिब भी है क्योँकि दूसरी लहर मे सामने आ रहें कोरोना के मामलों की संख्या पिछली बार की तुलना से ज्यादा तेज़ी से बढ़ रही है। कोरोना की पहली लहर में प्रतिदिन आ रहें कोरोना मामलों को 8,105 सें 97,894 तक पहुँचने में 110 दिन का समय लगा था लेकिन दूसरी लहर में ये मामले 62 दिन के अंदर 8,635 से 1,03,885 तक पहुँच गए। इसलिए लोग इस बार अधिक भयभीत हों रहें हैं। इस बार कोरोना क़े फैलने की और संक्रमण की रफ्तार भी पिछ्ली लहर से कई गुणा तेज है।

वर्तमान की भयावह स्थिति को देख कर सबके मन में कई तरह के सवाल उठ रहें हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में कैसे सावधानी बरतें? कोरोना की दूसरी लहर में कैसे बचा जा सकता है? कोरोना वैक्सीन कितनी असरदार है? दूसरी लहर में कोरोना के लक्षण क्या है? यह दूसरी लहर इतनी तेज क्यों है? आइए दोस्तों आज के इस लेख से हम सभी सवालों के जवाब देते हुए बताएंगे कि कैसे सावधानी बरतीं जाएँ।

1.       कोरोना की दूसरी लहर इतनी तेज क्यों है?

उतर - अन्य देशों के उदाहरण देखने पर यह ज्ञात होता है कि कोरोना वायरस अपनी दूसरी लहर में तेज़ी से फैलता है। इसके पीछे का कारण यह है कि लोग पहली लहर के बाद असावधानिया बरतने लग जाते है तो वायरस के लिए स्थितियाँ और अनुकूल हो जाती है। सिर्फ कोरोना ही नही बल्कि कोई भी महामारी हो, वह अपने दूसरे चरण में और तेजी से फैलती है।

2.       कोरोना वैक्सीन कितनी असरदार है?

उतर - कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों में सबसे बड़ी गलतफहमी यह रही कि यह कोरोना का इलाज है। लोग वैक्सीन लगवाकर पार्टियाँ कर रहें हैं और ज्यादा असावधानिया बरत रहें हैं। लोगों की इन्हीं गलतीयों के कारण कोरोना की रफ्तार दुगुनी हुई है। कोरोना की वैक्सीन सिर्फ आपके इम्युनिटी सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बना सकती है जिससे आप पर कोरोना के संक्रमण का खतरा कम हो जाएँ। अगर वैक्सीन के बाद कोई कोरोना सें संक्रमित होता है तो उस पर कोरोना के लक्षण गम्भीर नही होंगे।

3.       दूसरी लहर में कोरोना के लक्षण क्या है?

अब तक के ज्ञात लक्षण

सामने आ रहें नए लक्षण

बुखार

पेटदर्द

थकान

उल्टी-दस्त

सर्दी-जुकाम

भूख में कमी

स्वाद-गंध न आना

जोड़ों का दर्द

 

कंजक्टिवाइटिस

 

गैस्ट्रोइन्तेस्टाइनल

 

4.      कोरोना की दूसरी लहर में कैसे सावधानी बरतें?

  1. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क हमेशा पहनें और बार-बार मास्क को हटाएँ नही।
  2. बाहर के कार्य के दौरान अपने हाथों को छाती से उपर ना लाए, यदि जरुरी कार्य हो तो पहले हाथों को                सेनीटाइज करके करें।
  3. कोरोना के माहौल में खाने-पीने की वस्तुएँ बाहर दोस्तों या सहकर्मियों के साथ शेयर ना करें।
  4. हो सकें तो भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचें अन्यथा घर आने के तुरंत बाद नहाएँ और अपने कपड़े - मास्क        धोएँ।
  5. इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए व्यायाम और योगा करें और इसके साथ औसधियों का भी उपयोग करें।

कोरोना भले ही गंभीर बीमारी हों लेकिन उपरोक्त छोटे - छोटे उपायों से इससे बचा जा सकता है और अगर इन्ही छोटे तरीकों को नज़र अंदाज़ किया तो परिणाम घातक साबित होंगे।

0 Comments:

Post a Comment