Life's Fact - क्या हैं पुश अप? जानें इससे जुड़ें मिथ और फैक्ट्स।

Lifes Fact - पुश अप से जुड़ें मिथ और फैक्ट्स, क्या हैं पुश अप

एक्सरसाइज की सूची में पुश अप का नाम तो सबसे पहले आता हैं। इसलिए हर कोई इससे भली भांति परिचित हैं। जो लोग अभी तक इसके बारे में नहीं जानते तो उन्हें मैं बताना चाहूंगा कि यह एक ऐसी एक्सरसाइज हैं, जिसमें शरीर को प्रवण (prone) स्थिति में लाकर पंजों और हथेलियों द्वारा शरीर को ऊपर पुश किया जाता हैं।

सामान्य पुश अप को शरीर के ऊपरी भाग की ताकत बढ़ाने के लिए किया जाता हैं। इस एक्सरसाइज के दौरान ट्राइसेप्स, छाती की मांसपेशियों और कंधों पर ज्यादा कसाव आता हैं। जिससे शरीर के ये अंग ज्यादा मजबूत होते हैं।

पुशअप्स को नियमित और उचित रुप से करने पर पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आता हैं और शरीर का यह भाग भी मजबूत बनता हैं।

 

आज हम Lifes Fact की इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे पुशअप्स से जुड़े मिथ और फैक्ट्स के बारे में -

1. क्या पुश अप से पूरी बॉडी बन सकती हैं?

यह वर्कआउट मुख्य रूप से ट्राइसेप्स, कंधो और छाती के लिए हैं। इसके द्वारा हम शरीर के इन अंगो को मजबूत और सॉलिड बना सकते हैं। नियमित रूप से करने पर यह इन अंगो के अलावा पेट के लिए फायेदमंद हो सकता हैं। लेकिन पूरी बॉडी के लिए आपको इसके अलावा अन्य एक्सरसाइज करनी पड़ेंगी।

2. क्या बच्चे पुश अप कर सकते हैं?

यह एक्सरसाइज सभी के लिए फायदेमंद होती हैं। बस इसे अपनी क्षमता के अनुसार करें। इसका सामान्य प्रकार तो सभी उम्र के लड़के - लडकियों के लिए हैं।

3. क्या मधुमेह रोगी इस कसरत को कर सकता हैं?

जी बिलकुल, वसा की तुलना में glucose का अत्यधिक उपयोग मांसपेशियों में होता हैं। इसलिए मधुमेह रोग के दौरान ऐसा वर्कआउट रोगी के लिए फायदेमंद रहता हैं।

4. हमें 1 दिन में कितने पुशअप्स लगाने चाहिएं? क्या एक दिन में 100, 200 या 500 पुश अप सही हैं?

यह मुख्य रूप से आपकी शरीर की क्षमता और आपके बाकी दिन की एक्सरसाइज पर निर्भर करता हैं। 18 से 30 वर्ष के आदमी को 30 और महिलाओं को 18-20 पुश अप के साथ शुरुआत करनी चाहिए। जिसे बाद में आप अपनी क्षमता के अनुसार बढ़ा सकते हैं। इसे आसान बनाने के लिए इसे 12-10-8 के सेट में भी कर सकते हैं।

5. क्या रोजाना पुश अप करना खतरनाक होता हैं?

एक सामान्य इंसान के लिए रोजाना पुश अप करना खतरनाक नहीं बल्कि फायदेमंद होता हैं। इससे छाती और ट्राइसेप्स की साइज भी बढ़ती हैं। इस एक्सरसाइज को सुबह - शाम भी कर सकते हैं। रोजाना इसे करने से शरीर में तोंद भी नहीं बढ़ती और सिक्स पैक बनाना भी आसान हो जाता हैं। यह शरीर में खून के प्रवाह को भी बढ़ाता हैं। जिससे चेहरे पर चमक आती हैं। इसके अन्य प्रकार बालों की ग्रोथ के लिए अच्छे हैं।

6. पुश अप के दौरान सांस लेने का सही तरीका?

इसके दौरान शरीर को नीचे लाते वक्त सांस लेना और ऊपर उठाते वक्त सांस छोड़ना इस एक्सरसाइज में सांस लेने का सही तरीका होता हैं।

7. पुश अप के दौरान दर्द।

शुरुआत में कोई भी एक्सरसाइज करने पर उस एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा प्रभावित अंग कुछ दिनों के लिए दर्द करते हैं। कभी-कभी सही तरीके से वर्कआउट ना करना शरीर के अन्य अंगों के दर्द का कारण बन जाता हैं। कमर दर्द, पीठ में खिंचाव जैसी स्थिति में यह वर्कआउट करने से पहले अपने टेंडर की राय जरूर लें। 

हर एक्सरसाईज करने का एक तरीका होता हैं, जो गलत होने पर हमेशा हमें फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता हैं। इसी तरह वर्कआउट करने का भी सही तरीका आना बहुत जरूरी हैं। कई लोगों की इस एक्सराइज के दौरान दर्द की शिकायत रहती हैं। इसमें मुख्य रूप से छाती में, कंधे में, पीठ की मांसपेशियों में, कोहनी जैसे भाग में ज्यादा दर्द की शिकायत रहती हैं।

पुश अप करने का सही तरीका -

  1. पुश अप के लिए सबसे पहले शरीर को प्रवण (prone) की स्थिति में ले आएं।
  2. जिसमें ध्यान रहें दोनो हाथों की हथेलियों को छाती की सीध में जमीन पर रखें।
  3. पंजो को पास में रखें।
  4. अब सांस लेने के साथ शरीर को नीचे ले जाते वक्त सांस लें।
  5. सांस छोड़ते हुवे शरीर को ऊपर उठाएं।

 

सारांश - शरीर को फिट रखने के लिए और शरीर के ऊपरी भाग को मजबूत बनाने के लिए पुश अप उत्तम व्यायाम हैं। बस इसे करने से पहले इसको करने का तरीका और इससे जुड़े मिथ को पढ़ना हमारे लिए बेहतर रहता हैं।

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