Lifes Fact - नाभि से खून क्यों निकलता हैं, माहवारी के समय।

नाभि से खून निकलना की समस्या से कोई भी चिंतित हो सकता हैं। ऐसे में अगर यह माहवारी के दौरान हो तो मन अस्थिर होना लाजमी हैं। इस समस्या से आज लडकियों के अलावा लड़के भी ग्रसित हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता हैं कि किस वजह से आपकी नाभि से खून निकल रहा हैं। आज हम Lifes Fact के इस लेख से बताएंगे कि नाभि से खून निकलने के क्या कारण हो सकते हैं, इनके क्या लक्षण हैं और क्या उपचार हैं।

नाभि से खून, संक्रमण, पोर्टल उच्च रक्तचाप, प्राथमिक गर्भनाल, एंडोमेट्रियोसिस, लक्षण, सावधानियां, घरेलु, उपचार, Lifes Fact

आपकी नाभि से खून निकलने के मुख्य 3 कारण हो सकते हैं। जिसमें संक्रमण, पोर्टल उच्च रक्तचाप और प्राथमिक गर्भनाल एंडोमेट्रियोसिस में से एक जटिलता हो सकती हैं। चलियें विस्तार से समझते हैं नाभि से खून निकलने वाले इन कारणों के बारें में -


1. नाभि में होने वाला संक्रमण

नाभि में संक्रमण होना एक आम बात हैं। क्योंकि शरीर का यह भाग नमीयुक्त होने के साथ गहरा भी होता हैं। बाकी शरीर के तापमान की तुलना में यह गर्म भी होता हैं। इस तरह की परिस्थिति परजीवियों के विकास को बढ़ावा देती हैं। इसलिए यहां संक्रमण होना आसान हो जाता हैं। इसके अलावा अगर आपने अपनी नाभि के पास छेदन करा रखा हैं तो इससे संक्रमण की संभावना और बढ़ जाती हैं।


1.1 नाभि में होने वाले संक्रमण के लक्षण

अलग-अलग प्रकार से संक्रमण होने के कारण इसके लक्षण भी अलग अलग हो सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ सामान्य संकेत और लक्षण के बारे में -

  1. कोमलता

  2. दर्द

  3. नाभि के आसपास की त्वचा का रंग बदलना

  4. त्वचा का लाल होना

  5. खुजली, जलन का एहसास

  6. मवाद से भरा फोड़ा (छाला)

  7. नाभि के आसपास सूजन आना

  8. नाभि से बदबूदार सफेद पीले हरे या भूरे रंग का तरल निकलना

  9. जी मचलना, उल्टी आना

  10. सिर चकराना

  11. खून बहना


1.2 नाभि के संक्रमण के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां और उपचार

  1. ऐसे में ढीले कपड़े पहनना अच्छा रहता हैं।

  2. अपने शरीर को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाए रखें।

  3. गरम पानी और स्वच्छ कपड़े के साथ नाभि की सफाई करें।

  4. नाभि के आसपास पहने हुए गहनों को हटवाएं।


जीवन शैली में बदलाव के अलावा इसके उपचार के लिए अच्छे डॉक्टर से परामर्श लेना उचित रहेगा।


2. पोर्टल उच्च रक्तचाप

हेपेटाइटिस सी और सिरोसिस इसका मुख्य रूप से कारण बन सकते हैं।


2.1 पोर्टल उच्च रक्तचाप के लक्षण

  1. पेट में सूजन आना।

  2. काले रंग का मल निकलना।

  3. काले रंग की उल्टी निकलना।

  4. पेट दर्द के साथ बेचैनी


2.3 पोर्टल उच्च रक्तचाप के लिए टेस्ट और उपचार

ऐसी परिस्थिति में डॉक्टर से अपने सीटी स्कैन, एम आर आई, अल्ट्रासाउंड जैसे टेस्टों की रिपोर्ट जरूर चेक करवाएं। इसके अलावा खून की जांच भी जिससे प्लेटलेट और वाइट ब्लड सेल की संख्या का पता कर सकें।


इसके उपचार के तौर में आपको चिकित्सक से रक्तचाप को कम करने की दवाएं शीघ्र ले लेनी चाहिए। गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट की स्थिति भी आ सकती हैं।


3. प्राथमिक गर्भनाल एंडोमेट्रियोसिस

यह सिर्फ महिलाओं को प्रभावित करता हैं। एंडोमेट्रियोसिस की वजह से महावारी के दौरान नाभि से खून आता हैं। क्योंकि इस स्थिति में जो उत्तक गर्भाशय के अस्तर को बनाता हैं, वह नाभि में दिखाई देने लग जाता हैं।


3.1 प्राथमिक गर्भनाल एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण

  1. नाभि से खून बहना।

  2. पेट के चारों ओर से दर्द होना।

  3. नाभि में सूजन आना।

  4. नाभि के आस पास गांठ होना।


3.2 प्राथमिक गर्भनाल एंडोमेट्रियोसिस टेस्ट और उपचार

इसमें सबसे पहले सीटी स्कैन, एम आर आई, अल्ट्रासाउंड जैसे टेस्टों के द्वारा चिकित्सक से गर्भनाल एंडोमेट्रियोसिस होने या ना होने का पता लगाएं।


इसके उपचार के लिए हार्मोन थेरेपी या सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है।


सारांश

नाभि से खून या फिर बदबूदार तरल पदार्थ निकलने की स्थिति में सबसे पहले अपनी दिनचर्या में सुधार करें और अपना व्यक्तिगत रखरखाव स्वच्छ रखें। ऐसी स्थिति को शुरुआती दौर में अनदेखा ना करें और जल्द ही अपने डॉक्टर से सलाह लें।


0 Comments:

Post a Comment